झुकी झुकी सी नज़र बेक़रार है के नहीं
दबा दबा सा सही ,दिल में प्यार है के नहीं
तू अपने दिल की जवान धडकनों को गिन के बता
मेरी तरह तेरा दिल बेकरार है के नहीं
झुकी झुकी सी नज़र बेक़रार है के नहीं
दबा दबा सा सही ,दिल में प्यार है के नहीं
वो पल के जिस में मोहब्बत जवान होती है
उस एक पल का तुझे इंतज़ार है के नहीं
झुकी झुकी सी नज़र बेक़रार है के नहीं
दबा दबा सा सही ,दिल में प्यार है के नहीं
तेरी उम्मीद पे ठुकरा रहा हूँ दुनिया को
तुझे भी अपने पे ये ऐतबार है के नहीं
झुकी झुकी सी नज़र बेक़रार है के नहीं
दबा दबा सा सही , दिल में प्यार है के नहीं
Sunday, January 31, 2010
Sunday, January 24, 2010
Friday, January 15, 2010
में रोने से डरता हूँ , जुदा होने से डरता हूँ ,
मेरी आंखें बताती हैं की मैं सोने से डरता हूँ ..
मेरी उंगली पकड़ लेना मुझे तन्हा नहीं करना ,
ये दुनिया एक मेला है, तुम्हें खोने से डरता हूँ
जो हंसती हो तुम यूँ पलकों के गोशे भीग जाते हैं ,
तुम्हें मालूम है मैं इस तरह रोने से डरता हूँ
ये जब से ख्वाब देखा है तुम मुझे छोड़ जाओगी ,
मैं अब डरता हूँ ख़्वाबों से, मैं अब सोने से डरता हूँ
मेरी आंखें बताती हैं की मैं सोने से डरता हूँ ..
मेरी उंगली पकड़ लेना मुझे तन्हा नहीं करना ,
ये दुनिया एक मेला है, तुम्हें खोने से डरता हूँ
जो हंसती हो तुम यूँ पलकों के गोशे भीग जाते हैं ,
तुम्हें मालूम है मैं इस तरह रोने से डरता हूँ
ये जब से ख्वाब देखा है तुम मुझे छोड़ जाओगी ,
मैं अब डरता हूँ ख़्वाबों से, मैं अब सोने से डरता हूँ
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