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Friday, January 15, 2010

में रोने से डरता हूँ , जुदा होने से डरता हूँ ,
मेरी आंखें बताती हैं की मैं सोने से डरता हूँ ..
मेरी उंगली पकड़ लेना मुझे तन्हा नहीं करना ,
ये दुनिया एक मेला है, तुम्हें खोने से डरता हूँ
जो हंसती हो तुम यूँ पलकों के गोशे भीग जाते हैं ,
तुम्हें मालूम है मैं इस तरह रोने से डरता हूँ
ये जब से ख्वाब देखा है तुम मुझे छोड़ जाओगी ,
मैं अब डरता हूँ ख़्वाबों से, मैं अब सोने से डरता हूँ

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