आपकी रचना पढ़ी तो अनायास अपनी एक गजल का मतला याद आ गया आप भी सुनिए हम न पूछेंगे तेरे दामन में क्या है जिन्दगी माँगने से तूने किसको क्या दिया है जिन्दगीकितना हसींन इत्तेफाक है .. है ना ?? :):)
आपकी रचना पढ़ी तो अनायास अपनी एक गजल का मतला याद आ गया
ReplyDeleteआप भी सुनिए
हम न पूछेंगे तेरे दामन में क्या है जिन्दगी
माँगने से तूने किसको क्या दिया है जिन्दगी
कितना हसींन इत्तेफाक है .. है ना ?? :):)