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Tuesday, July 6, 2010

यही हालात इब्तिदा से रहे
लोग हमसे खफा -खफा से रहे |

बेवफा तुम कभी न थे लेकिन
ये भी सच है कि बेवफा से रहे |

इन चरागों में तेल ही कम था
क्यों गिला फ़िर हमें हवा से रहे |

उसके बन्दों को देख कर कहिये
हमको उम्मीद क्या खुदा से रहे

जिंदगी की शराब मांगते हो
हम को देखो के पी के प्यासे रहे |

Thursday, March 11, 2010

ज़िंदगी तूने लहू लेके दिया कुछ भी नहीं

तेरे दामन में मेरे वास्ते क्या कुछ भी नहीं


मेरे इन हाथों की चाहो तो तलाशी ले लो

मेरे हाथों में लकीरों के सिवा कुछ भी नहीं

Sunday, January 31, 2010

झुकी झुकी सी नज़र

झुकी झुकी सी नज़र बेक़रार है के नहीं
दबा दबा सा सही ,दिल में प्यार है के नहीं

तू अपने दिल की जवान धडकनों को गिन के बता
मेरी तरह तेरा दिल बेकरार है के नहीं

झुकी झुकी सी नज़र बेक़रार है के नहीं
दबा दबा सा सही ,दिल में प्यार है के नहीं


वो पल के जिस में मोहब्बत जवान होती है
उस एक पल का तुझे इंतज़ार है के नहीं

झुकी झुकी सी नज़र बेक़रार है के नहीं
दबा दबा सा सही ,दिल में प्यार है के नहीं


तेरी उम्मीद पे ठुकरा रहा हूँ दुनिया को
तुझे भी अपने पे ये ऐतबार है के नहीं

झुकी झुकी सी नज़र बेक़रार है के नहीं
दबा दबा सा सही , दिल में प्यार है के नहीं

Sunday, January 24, 2010

ये दुनिया बड़ी बेवफा है समझना ,

कहीं दिल लगाने की कोशिश न करना .

मेरे दोस्तों ज़िन्दगी एक सफ़र है समझना ,

कहीं ठहर जाने की कोशिश न करना .

Friday, January 15, 2010

में रोने से डरता हूँ , जुदा होने से डरता हूँ ,
मेरी आंखें बताती हैं की मैं सोने से डरता हूँ ..
मेरी उंगली पकड़ लेना मुझे तन्हा नहीं करना ,
ये दुनिया एक मेला है, तुम्हें खोने से डरता हूँ
जो हंसती हो तुम यूँ पलकों के गोशे भीग जाते हैं ,
तुम्हें मालूम है मैं इस तरह रोने से डरता हूँ
ये जब से ख्वाब देखा है तुम मुझे छोड़ जाओगी ,
मैं अब डरता हूँ ख़्वाबों से, मैं अब सोने से डरता हूँ
उसको मेरे वादों का ऐतबार होगा ,
दिल में किसी का बहुत प्यार होगा ,
छोड़ दिया उसने बीच जाकर मेरा साथ ,
शायद किनारे पे उसे किसी और का इंतजार होगा .

Saturday, January 2, 2010

सिर्फ़ चाहने से कोई बात नहीं होती,
सूरज के सामने कभी रात नहीं होती,
हम चाहते हैं जिन्हें जान से भी जादा,
वो सामने है पर बात भी नहीं होती!